- तिथिः
- कृष्ण अष्टमी Krishna Ashtami पर्यन्तम् 05:28 PM
- नक्षत्रम्
- स्वाती Swati पर्यन्तम् 02:24 PM
- योगः
- गण्ड
- सूर्योदयः
- 07:13 AM · सूर्यास्तः 05:56 PM
- Rahu Kalam
- 11:14 AM – 12:34 PM
- Brahma Muhurat
- 08:38 AM – 07:55 AM
Houston — साप्ताहिकं पञ्चाङ्गम्
29 जनवरी – 4 फरवरी 2027 शुक्रवासरः, 29 जनवरी 2027 तः सप्त दिनानि
अस्य सप्ताहस्य उत्सवाः
429 जनवरी – 4 फरवरी 2027
- तिथिः
- कृष्ण नवमी Krishna Navami पर्यन्तम् 07:04 PM
- नक्षत्रम्
- विशाखा Vishakha पर्यन्तम् 04:25 PM
- योगः
- वृद्धि
- सूर्योदयः
- 07:12 AM · सूर्यास्तः 05:57 PM
- Rahu Kalam
- 09:53 AM – 11:14 AM
- Brahma Muhurat
- 08:38 AM – 07:55 AM
- तिथिः
- कृष्ण दशमी Krishna Dashami पर्यन्तम् 09:11 PM
- नक्षत्रम्
- अनुराधा Anuradha पर्यन्तम् 06:58 PM
- योगः
- ध्रुव
- सूर्योदयः
- 07:11 AM · सूर्यास्तः 05:58 PM
- Rahu Kalam
- 04:37 PM – 05:58 PM
- Brahma Muhurat
- 08:38 AM – 07:55 AM
Posh Dashami
सम्पूर्णं पञ्चाङ्गम् →- तिथिः
- कृष्ण एकादशी Krishna Ekadashi पर्यन्तम् 11:40 PM
- नक्षत्रम्
- ज्येष्ठा Jyeshtha पर्यन्तम् 09:51 PM
- योगः
- व्याघात
- सूर्योदयः
- 07:11 AM · सूर्यास्तः 05:59 PM
- Rahu Kalam
- 08:32 AM – 09:53 AM
- Brahma Muhurat
- 08:37 AM – 07:54 AM
षट्तिला एकादशी Shat-tila Ekadashi (Shat-tila)
सम्पूर्णं पञ्चाङ्गम् →- तिथिः
- कृष्ण द्वादशी Krishna Dwadashi पर्यन्तम् 02:20 AM (+1)
- नक्षत्रम्
- मूला Moola पर्यन्तम् 12:56 AM (+1)
- योगः
- हर्षण
- सूर्योदयः
- 07:10 AM · सूर्यास्तः 05:59 PM
- Rahu Kalam
- 03:17 PM – 04:38 PM
- Brahma Muhurat
- 08:37 AM – 07:54 AM
- तिथिः
- कृष्ण त्रयोदशी Krishna Trayodashi पर्यन्तम् 05:01 AM (+1)
- नक्षत्रम्
- पूर्वाषाढा Purvashadha पर्यन्तम् 04:02 AM (+1)
- योगः
- हर्षण
- सूर्योदयः
- 07:10 AM · सूर्यास्तः 06:00 PM
- Rahu Kalam
- 12:35 PM – 01:56 PM
- Brahma Muhurat
- 08:36 AM – 07:53 AM
प्रदोषम् Pradosham
सम्पूर्णं पञ्चाङ्गम् →- तिथिः
- कृष्ण चतुर्दशी Krishna Chaturdashi पर्यन्तम् 07:35 AM (+1)
- नक्षत्रम्
- उत्तराषाढा Uttarashadha पर्यन्तम् 07:02 AM (+1)
- योगः
- वज्र
- सूर्योदयः
- 07:09 AM · सूर्यास्तः 06:01 PM
- Rahu Kalam
- 01:57 PM – 03:18 PM
- Brahma Muhurat
- 08:36 AM – 07:52 AM
Ratanti Kali Pujaमासिक शिवरात्रिः Masik Shivaratri
सम्पूर्णं पञ्चाङ्गम् →