- तिथिः
- शुक्ल पञ्चमी Shukla Panchami पर्यन्तम् 11:05 AM
- नक्षत्रम्
- रोहिणी Rohini पर्यन्तम् 10:49 PM
- योगः
- आयुष्मान्
- सूर्योदयः
- 06:16 AM · सूर्यास्तः 06:06 PM
- Rahu Kalam
- 10:42 AM – 12:11 PM
- Brahma Muhurat
- 07:51 AM – 07:04 AM
Johannesburg — साप्ताहिकं पञ्चाङ्गम्
31 मार्च – 6 अप्रैल 2028 शुक्रवासरः, 31 मार्च 2028 तः सप्त दिनानि
अस्य सप्ताहस्य उत्सवाः
431 मार्च – 6 अप्रैल 2028
- तिथिः
- शुक्ल षष्ठी Shukla Shashthi पर्यन्तम् 10:43 AM
- नक्षत्रम्
- मृगशीर्षा Mrigashira पर्यन्तम् 10:53 PM
- योगः
- सौभाग्य
- सूर्योदयः
- 06:17 AM · सूर्यास्तः 06:05 PM
- Rahu Kalam
- 09:14 AM – 10:42 AM
- Brahma Muhurat
- 07:51 AM – 07:04 AM
यमुना षष्ठी Yamuna ChathYamuna Chhath
सम्पूर्णं पञ्चाङ्गम् →- तिथिः
- शुक्ल सप्तमी Shukla Saptami पर्यन्तम् 09:52 AM
- नक्षत्रम्
- आर्द्रा Ardra पर्यन्तम् 10:27 PM
- योगः
- शोभन
- सूर्योदयः
- 06:17 AM · सूर्यास्तः 06:04 PM
- Rahu Kalam
- 04:36 PM – 06:04 PM
- Brahma Muhurat
- 07:51 AM – 07:04 AM
- तिथिः
- शुक्ल अष्टमी Shukla Ashtami पर्यन्तम् 08:30 AM
- नक्षत्रम्
- पुनर्वसु Punarvasu पर्यन्तम् 09:30 PM
- योगः
- अतिगण्ड
- सूर्योदयः
- 06:18 AM · सूर्यास्तः 06:03 PM
- Rahu Kalam
- 07:46 AM – 09:14 AM
- Brahma Muhurat
- 07:52 AM – 07:05 AM
श्रीरामनवमी Ram NavamiSamarth Ramdas JayantiBasanti Annapurna Puja
सम्पूर्णं पञ्चाङ्गम् →- तिथिः
- शुक्ल नवमी Shukla Navami पर्यन्तम् 06:37 AM
- नक्षत्रम्
- पुष्य Pushya पर्यन्तम् 08:04 PM
- योगः
- सुकर्मा
- सूर्योदयः
- 06:18 AM · सूर्यास्तः 06:02 PM
- Rahu Kalam
- 03:06 PM – 04:34 PM
- Brahma Muhurat
- 07:52 AM – 07:05 AM
- तिथिः
- शुक्ल एकादशी Shukla Ekadashi पर्यन्तम् 01:28 AM (+1)
- नक्षत्रम्
- आश्लेषा Ashlesha पर्यन्तम् 06:11 PM
- योगः
- धृति
- सूर्योदयः
- 06:19 AM · सूर्यास्तः 06:01 PM
- Rahu Kalam
- 12:10 PM – 01:37 PM
- Brahma Muhurat
- 07:52 AM – 07:05 AM
कामदा एकादशी Kamada Ekadashi (Kamada)
सम्पूर्णं पञ्चाङ्गम् →- तिथिः
- शुक्ल द्वादशी Shukla Dwadashi पर्यन्तम् 10:22 PM
- नक्षत्रम्
- मघा Magha पर्यन्तम् 03:57 PM
- योगः
- गण्ड
- सूर्योदयः
- 06:19 AM · सूर्यास्तः 06:00 PM
- Rahu Kalam
- 01:37 PM – 03:05 PM
- Brahma Muhurat
- 07:52 AM – 07:06 AM
Damanakaropana Dwadashi
सम्पूर्णं पञ्चाङ्गम् →