- तिथिः
- कृष्ण पञ्चमी Krishna Panchami पर्यन्तम् 02:55 PM
- नक्षत्रम्
- आर्द्रा Ardra पर्यन्तम् 02:42 AM (+1)
- योगः
- शिव
- सूर्योदयः
- 06:39 AM · सूर्यास्तः 05:06 PM
- Rahu Kalam
- 10:35 AM – 11:53 AM
- Brahma Muhurat
- 08:03 AM – 07:21 AM
Rome — साप्ताहिकं पञ्चाङ्गम्
30 अक्टूबर – 5 नवम्बर 2026 शुक्रवासरः, 30 अक्टूबर 2026 तः सप्त दिनानि
अस्य सप्ताहस्य उत्सवाः
430 अक्टूबर – 5 नवम्बर 2026
- तिथिः
- कृष्ण षष्ठी Krishna Shashthi पर्यन्तम् 12:27 PM
- नक्षत्रम्
- पुनर्वसु Punarvasu पर्यन्तम् 01:09 AM (+1)
- योगः
- सिद्ध
- सूर्योदयः
- 06:41 AM · सूर्यास्तः 05:05 PM
- Rahu Kalam
- 09:17 AM – 10:35 AM
- Brahma Muhurat
- 08:04 AM – 07:22 AM
- तिथिः
- कृष्ण सप्तमी Krishna Saptami पर्यन्तम् 10:22 AM
- नक्षत्रम्
- पुष्य Pushya पर्यन्तम् 12:00 AM (+1)
- योगः
- साध्य
- सूर्योदयः
- 06:42 AM · सूर्यास्तः 05:04 PM
- Rahu Kalam
- 03:46 PM – 05:04 PM
- Brahma Muhurat
- 08:05 AM – 07:23 AM
Ahoi Ashtamiकालाष्टमी KalashtamiKarnataka Rajyotsava
सम्पूर्णं पञ्चाङ्गम् →- तिथिः
- कृष्ण अष्टमी Krishna Ashtami पर्यन्तम् 08:40 AM
- नक्षत्रम्
- आश्लेषा Ashlesha पर्यन्तम् 11:16 PM
- योगः
- शुभ
- सूर्योदयः
- 06:43 AM · सूर्यास्तः 05:03 PM
- Rahu Kalam
- 08:00 AM – 09:18 AM
- Brahma Muhurat
- 08:06 AM – 07:24 AM
Bahulashtami
सम्पूर्णं पञ्चाङ्गम् →- तिथिः
- कृष्ण नवमी Krishna Navami पर्यन्तम् 07:24 AM
- नक्षत्रम्
- मघा Magha पर्यन्तम् 10:56 PM
- योगः
- ब्रह्म
- सूर्योदयः
- 06:44 AM · सूर्यास्तः 05:01 PM
- Rahu Kalam
- 02:27 PM – 03:44 PM
- Brahma Muhurat
- 08:07 AM – 07:25 AM
- तिथिः
- कृष्ण एकादशी Krishna Ekadashi पर्यन्तम् 06:05 AM (+1)
- नक्षत्रम्
- पूर्वा फाल्गुनी Purva Phalguni पर्यन्तम् 11:00 PM
- योगः
- इन्द्र
- सूर्योदयः
- 06:45 AM · सूर्यास्तः 05:00 PM
- Rahu Kalam
- 11:53 AM – 01:10 PM
- Brahma Muhurat
- 08:07 AM – 07:26 AM
रमा एकादशी Rama Ekadashi (Rama)
सम्पूर्णं पञ्चाङ्गम् →- तिथिः
- कृष्ण द्वादशी Krishna Dwadashi पर्यन्तम् 06:00 AM (+1)
- नक्षत्रम्
- उत्तरा फाल्गुनी Uttara Phalguni पर्यन्तम् 11:26 PM
- योगः
- वैधृति
- सूर्योदयः
- 06:47 AM · सूर्यास्तः 04:59 PM
- Rahu Kalam
- 01:09 PM – 02:26 PM
- Brahma Muhurat
- 08:08 AM – 07:28 AM
Govatsa Dwadashi
सम्पूर्णं पञ्चाङ्गम् →